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शुक्रवार, 27 नवंबर 2015

मानसिक रोगों के इलाज में मददगार है स्वप्न चिकित्सा

मानसिक रोगों के इलाज में मददगार है स्वप्न चिकित्सा


मानसिक रोगों के इलाज में मददगार है स्वप्न चिकित्सा
मानसिक रोगों के इलाज में मददगार है स्वप्न चिकित्सा
एक यूरोपीय साइंस फाउंडेशन (ESF) कार्यशाला ने स्पष्ट अर्थ वाले स्वप्न के दैरान मस्तिष्क की गतिविधियों और मानसिक स्थितियों में समानता पायी है, जो मानसिक रोगों के इलाज में उपयोगी हो सकती है।
जब कोई व्यक्ति इस बारे में अवगत है कि वह सपना देख रहा है तो स्पष्ट अर्थ वाला स्वप्न सोने और जागने के बीच एक संकर अवस्था है। यह मस्तिष्क में वैद्युत गतिविधियों का एक विशिष्ट पैटर्न बनाती है जिसमें सिज़ोफ्रेनिया जैसी मानसिक विकृति की अवस्था द्वारा बनाए गए पैटर्न से समानता होती है।
जर्मनी में फ्रैंकफर्ट विश्वविद्यालय के उर्सुला वॉस इशारा करते हैं कि स्पष्ट अर्थ वाले स्वप्न और मानसिक स्थितियों के बीच संबंधों की पुष्टि करने से इस बात पर आधारित नए चिकित्सकीय रास्तों की संभावना होती है कि स्वस्थ रूप से सपना देखना तंत्रिका विज्ञान और मनोरोग विकारों के साथ जुड़ी अस्थिर अवस्थाओं से किस प्रकार अलग है।
कार्यशाला के दौरान प्राप्त नए आंकड़ों से पता चलता है कि स्पष्टतापूर्वक सपना देखने से मस्तिष्क एक असंबद्धता की अवस्था में होता है, ऐसा कुछ जो संबंद्धता की पुष्टि करता है।
वॉस के अनुसार, असंबद्धता में मानसिक प्रक्रियाओं, जैसे कि तार्किक सोच या भावनात्मक प्रतिक्रिया पर नियंत्रण खोना शामिल है।
वॉस कहते हैं कि कुछ मानसिक स्थितियों में इस अवस्था को उस समय भी होने का पता चला है, जब लोग जागे होते हैं।
इटली के मिलान में यूनिवर्सिटी डेगली स्टडी डी मिलानो में कार्यशाला के संयोजक सिल्वियो स्कारोन का कहना है, "मनोरोग विज्ञान के क्षेत्र में, मरीजों के सपनों में रूचि उत्तरोत्तर नैदानिक ​​अभ्यास और अनुसंधान दोनों से बाहर हो गयी है। लेकिन यह नया काम दिखाता हुआ प्रतीत होता है कि हम स्पष्ट अर्थ वाले सपने और उन कुछ मानसिक स्थितियों के बीच तुलना करने में सक्षम हो सकते हैं जिसमें हमारे जगे होने पर चेतना की असामान्य असंबद्धता जैसे मनोरोग, अवैयक्तिकीकरण और छद्मआघात शामिल होते हैं।"
नए निष्कर्षों ने स्वप्न चिकित्सा के द्वारा कुछ दशाओं का उपचार करने के बदनाम विचार में फिर से चिकित्सकों की रूचि को पुनर्जीवित किया है, जैसे कि उदाहरण के लिए बुरे सपने से पीड़ित लोगों का इलाज उनके स्पष्ट अर्थ वाले सपने द्वारा किया जा सकता है ताकि वे होश में जाग सकें।
सेक्रोन का कहना है, "एक तरफ, बुनियादी सपना शोधकर्ता अपने ज्ञान को अब मानसिक रोगियों पर इस लक्ष्य के साथ लागू कर सकते हैं कि मनोरोग विज्ञान के लिए एक उपयोगी उपकरण का निर्माण हो सकेगा, रोगियों के स्वप्नों में रूचि पैदा हो सकेगी। दूसरी ओर, तंत्रिका विज्ञान शोधकर्ता पता लगा सकते हैं कि अपने काम को सुप्त शोध से तीव्र मानसिक और मस्तिष्क-दिमाग की असंबद्ध अवस्थाओं के डेटा का मतलब निकालने के लिए मनोरोग की दशाओं तक कैसे फैलाया जाए।''
शोध टीम ने उस विचार का भी अध्ययन किया जिसमें पागल भ्रम और अन्य भ्रमात्मक घटनाएं होती हैं, जब असंबद्ध स्वप्न देखने की अवस्था में धमकीपूर्ण स्थितियों से लेकर जागने की अवस्था में आने की पुनरावृत्ति होती है।
सेक्रोन का कहना है, "वास्तविक धमकीपूर्ण घटनाएं शायद स्वप्न प्रणाली को सक्रिय कर देती हैं, ताकि उन सिमुलेशनों का उत्पादन करें जो धारणा और व्यवहार के संदर्भ में धमकीपूर्ण घटनाओं के यथार्थवादी रिहर्सल हैं। यह सिद्धांत इस आधार पर काम करता है कि वह वातावरण जिसमें मानव मस्तिष्क विकसित हुआ, उसमें वे लगातार खतरनाक घटनाएं शामिल थीं जिसने मानव प्रजनन के लिए खतरा पैदा किया। ये पैतृक मानव आबादी पर एक गंभीर चयन दबाव होता है और शायद धमकी सिमुलेशन तंत्र को पूरी तरह से सक्रिय कर देती।"

अमेरिका में हार्वर्ड विश्वविद्यालय से हाल ही में सेवानिवृत्त हुए मनोचिकित्सक और सपना शोधकर्ता एलन हॉबस्न जोर देकर कहते हैं कि हालांकि, सपना देखने से धमकियों के पूरी तरह से फिर से पैदा करने की संभावना नहीं है, पर इनकी सीखने की प्रक्रिया में भूमिका हो सकती है।
जब आप जागे होते हैं तो सामग्री जुड़ जाती है और सोने के दौरान स्वप्न चेतना के स्वत: कार्यक्रम के साथ एकीकृत हो जाती है। यह उस प्रेक्षण के साथ काम करता है कि दिन के समय में सीखना रात में सोने के समय सुदृढ़ हो जाती है, जिससे वह घटना होती है जिसमें लोग उन तथ्यों को दिन में उस समय की तुलना में बेहतर याद रखते हैं जब उन्होंने उनको सीखा है।

खाली पेट क्या नही खाना चाहिये


खाली पेट क्या नही खाना चाहिये



हम अच्छी सेहत के लिए क्या नहीं करते। लेकिन कभी-कभी कुछ बातों को न जानने की वजह से हमारी सेहत पर गलत प्रभाव पड़ सकते हैं। इसके लिए हमें यह भी मालूम होना चाहिए कि कौन सी चीज किस समय पर खाएं और किस चीज का फायदा हमें कब होता है। क्योंकि कई खाने वाली चीजों में एसिड की मात्रा इतनी अधिक होती है कि यदि उन्हें खाली पेट खाया गया तो शरीर को नुकसान हो सकता है। वैदिक वाटिका आपको इन्हीं बातों को बता रही है जिससे आपको ये जानकारी मिले कि आपको खाली पेट कौन-कौन सी चीजें नहीं लेनी चाहिए।
खाली पेट नहीं खानी चाहिए ये चीजें
सुबह की शुरूआत हम सभी को पानी पीने के साथ करनी चाहिए।
टमाटर
टमाटर का सेवन खाली पेट कभी नहीं करना चाहिए क्योंकि इसमें एसिड की मात्रा ज्यादा होती है जिस वजह से यह शरीर को प्रभावित करता है और पेट में स्टोन यानी पथरी का कारण बन जाता है।
सोडा
सोडा खाली पेट लेने से उल्टी आ सकती है जिसकी वजह से बेचैनी व घबराहट तक हो सकती है। सोड़े में कार्बोनेट अधिक होता है।
मसालेदार भोजन
चटपटे व मसालेदार भोजन कभी भी आप खाली पेट ना खाएं। इसमें भी एसिड होता है जो पेट के पाचन क्रिया को बिगाड़ता है। जिस वजह से पेट में ऐंठन व दर्द तक हो सकता है।
दवाइयां
खाली पेट दवा लेने से पेट में एसिड की समस्या हो जाती है जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए डाक्टर भी खाली पेट दवा लेने से मना करते हैं।
एल्कोहल
शराब का भी इस्तेमाल खाली पेट नहीं करना चाहिए क्योंकि यह पेट में जलन पैदा करती है और यह इंसान की पाचन शक्ति कमजोर करती है जिस वजह से खाना ठीक तरह से पच नहीं पाता।
कॉफी
कॉफी तो खाली पेट लेना सबसे ज्यादा खतरनाक है। काफी में मौजूद कैफीन को खाली पेट लेने से पेट में अल्सर और दर्द का कारण बन सकती है। इसलिए सुबह एक गिलास पानी पीने के बाद ही कॉफी का सेवन करें।
चाय 
बहुत लोगों को सुबह उठते ही चाय की तलब उठती है। वे भी इस बात को जान लें कि चाय में एसिड की उच्च मात्रा होती है जो पेट में दर्द व गैस का कारण बनती है।
केला 
खाली पेट केला खाना भी सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। केले में मैग्नीशियम अधिक होता है जो शरीर में मौजूद मैगनीशियम और कैल्शियम की मात्रा में गड़बड़ कर देता है। इसलिए केला भी सुबह ना लें।
शकरकंद
शकरकंद में मौजूद पैक्टीन और टैन्नीन पेट में गैस्ट्रिक एसिड की परेशानी कर सकती है। जिस वजह से पेट में दर्द और सीने में जलन तक हो सकती है। इसलिए खाली पेट शकरकंद न खाएं।
दही
दही को सुबह खाली पेट खाने से पेट में दर्द व मरोड़ हो सकती है।
इंसान को यदि ये सभी बाते पता हो तो वह कई तरह की बीमारियों से बच सकता है। इसलिए वैदिकवाटिका आपकी सेहत के लिए इन जरूरी बातों को ध्यान में रखने की सलाह देती है। जो आपके व अपनों की सेहत के लिए बेहद जरूरी है।
READ:खून की कमी के उपाय

खून की कमी के उपाय


खून की कमी के उपाय



खून की कमी की वजह से थकान, त्वचा के रंग का पीला पड़ना और हाथ पैरों में सूजन आना आदि  की समस्या आने लगती है। यह एनीमिया का मुख्य लक्षण भी माना जाता है। खून की कमी पुरूषों  से ज्यादा महिलाओं में अधिक होती है। जिन महिलाओं और पुरूषों में हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होती है वे एनीमया से ग्रसित हो जाते हैं। एैसे में इंसान के शरीर में विटामिन बी, आयरन और फालिक एसिड की कमी हो जाती है। यदि आप खून की कमी से ग्रसित हो तो अपने खान पान में बस कुछ चीजों को इस्तेमाल करें जिससे आप एनीमिया के रोग से बच सकते हो। वैदिक वाटिका आपको कुछ पारंपरिक नुस्खों को बताएगा जो तेजी से शरीर में खून को बढ़ाते हैं।
शरीर में तेजी से खून बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय-
1. दो घंटे के लिए 2 चम्मच तिलों को पानी में भिगों लें और बाद में पानी से छानकर इसका पेस्ट बना लें। अब इसमें 1 चम्मच शहद मिलाएं और दिन में दो बार सेवन करें।
2. काफी और चाय का सेवन कम कर दें। एैसा इसलिए क्योंकि ये चीजें शरीर को आयरन लेने से रोकते हैं।
3. दो बार दिन में ठंडे पानी से नहाएऔर सुबह नहाने के बाद सूरज की रोशनी में बैठें।
4. आप अपने भोजन में गेहूं, मोठ, मूंग और चने को अंकुरित करके उसमें नींबू मिलाकर सुबह का नाश्ता लें।
5. पके आम के गुदे को मीठे दूध के साथ सेवन करें। एैसा करने से खून तेजी से बढ़ता है।
6. शरीर में खून की कमी को दूर करने के लिए मूंगफली के दानों को गुड़ के साथ चबा-चबा कर सेवन करें।
7. सिंघाड़ा शरीर में खून और ताकत दोनो को बढ़ाता है। कच्चे सिंघाड़े को खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर तेजी से बढ़ता है।
8. मुनक्का, अनाज, किशमिश, दालें और गाजर का नियमित सेवन करें और रात को सोने से पहले दूध में खजूर डालकर उसको पीएं।
9. अमरूद, पपीता, चीकू, सेब और नींबू आदि फलो का अधिक से अधिक सेवन करें।
10. आंवले का रस और जामुन का रस बराबर मात्रा में मिलाकर सेवन करने से हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है।
11. एक गिलास टमाटर का रस रोज पीने से भी खून की कमी दूर होती है। इसलिए टमाटर का सूप भी बनाकर आप ले सकते हो।
12. बथुआ, मटर, सरसों, पालक, हरा धनिया और पुदीना को अपने भोजन में जरूर शामिल करें।
13. फालसे का शर्बत या फालसे का सेवन सुबह शाम करने से शरीर में खून की मात्रा जल्दी बढ़ती है।
14. शरीर में खून को बढ़ाने के लिए नियमित रूप से लहसुन और नमक की चटनी का सेवन करे। यह हीमोग्लोबिन की कमी को दूर करता है।
15. सेब का जूस रोज पीएं। चुकंदर के एक गिलास रस में अपने स्वाद के अनुसार शहद मिलाकर इसे रोज पीएं। इस जूस में लौह तत्व ज्यादा होता है।
शरीर में खून की कमी से बहुत बीमारियां लग सकती हैं। जिस वजह से इंसान कमजोर हो जाता है और उसका शरीर बीमारियों से लड़ नहीं पाता है। इसलिए महिलाओं और पुरूषों को शरीर में खून की मात्रा बढ़ाने के लिए इन आयुवेर्दिक उपायों को अपनाना चाहिए। ये भी पढे-मोटापा कम करने में छाछ के फायदे

मोटापा कम करने में छाछ के फायदे


मोटापा कम करने में छाछ के फायदे



प्राचीन समय से ही आयुर्वेद में छाछ को इंसान के शरीर के लिए बेहद उपयोगी बताया गया है। दही और दूध को मथने से छाछ बनती है। आयुर्वेद में इसे तक्र कहा जाता है। हाल ही में हुए एक नए शोध में वैज्ञानिकों ने भी इस बात को माना है। छाछं के नियमित सेवन से वजन को कम किया जा सकता है। छांछ में मौजूद गुणों से पेट के अंदर के कीडे़ खत्म हो जाते हैं और इस वजह से शरीर का वजन घटने लगता है।
नई जानकारी के अनुसार वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि इंसान की आंतों में कीड़े रहते हैं जो अनियमित खाना खाने से पनपने लगते हैं। शोध में इस बात का भी खुलासा हुआ कि अधिक जंक फूड खाने से आंतों में कीड़े काफी ज्यादा मात्रा में पनपने लगते हैं। जिस वजह से ये कीड़े पाचन तंत्र को प्रभावित करते हैं और इस वजह से मोटापा बढ़ने लगता है।

छाछ प्रो-बायोटिक होती है जो वजन को कम करने में सहायक है। वैज्ञानिकों ने कहा आंतों के कीड़े और वजन का संबंध एक दूसरे से होता है। पेट में कीड़ों का पता इस बात से लगाया जाता है कि यदि पेट में हल्का दर्द हो, दुर्बलता, छीकें आना और अजीर्ण होना आदि लक्षण पेट में कीड़ों का संकेत देती है।

छाछ में लो कैलोरी होती है। इसलिए आप रोज एक गिलास छाछ का सेवन करें। एैसा करने से भूख कम लगती है। और शरीर में पोषक तत्व भी छाछ के जरिए पहुंच जाते हैं। जिस वजह से मोटापा भी नहीं बढ़ता है।
आयुर्वेद के अनुसार छाछ के फायदे
1. खाना खाने के बाद हमेशा छाछ पीने से शरीर में ताकत आती है।
2. छाछ शरीर की दुर्बलता को दूर करती  है।
शरीर में मिनरल्स की कमी को पूरा करना
छाछ में विटामिन के, ए, सी और बी पाया जाता है। जो शरीर को पोषण देते हैं। जिस वजह से मिनरल्स की कमी पूरी हो जाती है।
लो कैलोरी डायट
वजन कम करने के लिए यदि आप डायट पर हों तो जरूर छाछ का सेवन करें। यह शरीर से चर्बी को कम करती है।
पेट की बीमारी में फायदेमंद
पेट की कोई भी बीमारी हो जैसे एसिडिटी, पेट में दर्द बने रहना, सीने में जलन आदि का होना तब छाछ का सेवन जरूर करें। फायदा होगा।
बीमारीयों से लड़ने में सहायक
छाछ में कार्बोहाइड्रेट्स और लैक्टोस जैसे पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। छाछ एक प्राकृतिक पेय है। इसका इस्तेमाल करने से
आप कोल्ड ड्रिंक्स से होने वाले नुक्सान से बच सकते हो। छाछ को पीने से शरीर में उर्जा भी आती है और शरीर स्वस्थ रहता है। आप कोल्ड ड्रिंक्स की जगह छाछ का ही सेवन करें।

गुस्सा शांत करने के उपाय


गुस्सा शांत करने के उपाय



आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में अशांति और तनाव की वजह से दिन-प्रतिदिन मनुष्य अनिंद्रा, चिंता व परेशानियों से ग्रस्त हो रहा है। जिस वजह से वह हर एक छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा और चिड़चिड़ा होता जा रहा है। गुस्से से इंसान पागलपन जैसी खतरनाक अवस्था तक भी पहुंच जाता है। गुस्से से बाद में काफी नुकसान भी होता है। इसलिए जरूरी है गुस्से पर काबू रखना। आयुर्वेद में इसे मानसिक रोग कहा जाता है। जिसका समय रहते उपचार करना जरूरी है। इसलिए वैदिकवाटिका आपको मानसिक रोगों को ठीक करने का उपचार बता रही है।
मानसिक रोगों की चिकित्सा
गुस्सा व क्रोध को रोकने के लिए
  • सुबह एक आंवले का मुरब्बा जरूर खाएं। और शाम को गुलकंद की एक चम्मच का सेवन करने के बाद उपर से दूध पी लें। इससे आपका गुस्सा शांत होने लगेगा।
  • भोजन को चबा-चबाकर शांति से खायें।
  • जब भी क्रोध आए तो उस वक्त अपना चेहरा आइने में देखने से भी लज्जावश गुस्सा चला जाएगा।
  • एक कटोरी में पानी भरकर उस पानी को देखकर ऊॅ शांति.......ऊॅ शांति.......ऊॅ शांति का मंत्र 21 बार जप करें। और बाद में इस पानी को पी लें। एैसा करने से आपके क्रोधी स्वभाव में परिवर्तन आएगा।
अनिंद्रा यानि नींद न आने की समस्या के उपाय
  • पैरों के तलवों पर सरसों का तेल लगाने से नींद गहरी व अच्छी आती है।
  • यदि नींद देर से आती हो या कम आती हो तो पैरों को गुनगुने पानी से साफ करके सोना चाहिए।
  • रात को सिर में आंवले या बादाम का तेल की मालिश करने से भी अनिंद्रा की समस्या ठीक होती है।
  • सर्दियों में रात को सोते समय पैरों को गरम रखने से भी नींद अच्छी आती है।
  • गुनगुने सरसों के तेल की 4-4 बूंदे रात को सोने से पहले दोनों कानों में डालें और बाद में साफ रूई को कानों में लगाएं। एैसा करने से भी नींद न आने की समस्या ठीक होती है।

ज्ञानमुद्रा के लाभ मानसिक रोगों में
अपने हाथ के अंगूठे के पास वाली उंगली का उपरी हिस्सा अंगूठे के अग्रभाग से स्पर्श कराएं। तब यह ज्ञानमुद्रा बनती है। जैसा की उपर चित्र में भी दिखाया है। ज्ञानमुद्रा को आप कहीं भी उठते बैठते, चलते-फिरते या लेटे हुए कभी भी कर सकते हो। इस मुद्रा का निरंतर अभ्यास करना चाहिए।
ज्ञानमुद्रा के फायदे
यह नींद न आने की समस्या को दूर करने के अलावा दिमागी कमजोरी, क्रोध, पागलपन, चिड़चिड़ापन, आलस्य को दूर करता है। साथ ही एकाग्रता और दिमाग को शक्तिशाली बनाता है।

बालों को लम्बा करना - पुरूषों के लिए

बालों को लम्बा करना - पुरूषों के लिए

बालों से पुरूषों की पहचान बनती है। मर्दों के बाल ही उनके लुक्स को आकर्षक बनाते हैं। लेकिन उम्र के बढ़ने के साथ बाल गिरने लगते हैं जिससे पुरूष काफी चिंतित रहते हैं। बालों के कम व गिरने के मुख्य कारण हैं। हार्मोन्स  में असमानता, आनुवाशिक समस्या, सिर में खून के प्रभाव में रूकावट आना और पोषक पदार्थों की कमी। लेकिन अब घबराने की जरूरत नहीं है वैदिकवटिका आपको बताएगी कैसे बालों को तेजी से बढ़ाया जा सकता है और गिरते बालों को रोका जा सकता है।
बालों को लम्बा करना - नुस्खे

तेल मालिश व तेल उपचार 
बालों को बढ़ानें के लिए प्राकृतिक तरीका है कि आप ओलिव, शुद्ध सरसों का तेल और नारियल तेल को बालों पर लगाएं और सिर को किसी कपड़े से ढ़क लें। 1 घंटे तक सिर को एैसा ही रहने दें। बाद में शैंपू से बालों को धो लें।
रोजाना तेल की मालिश करने से सिर में खून का संचार ठीक होता है। मालिश करने से बालों के रोमछिद्रों सक्रिय बनते हैं। आप सिर की मालिश करने के लिए तिल या बादाम तेल का प्रयोग करें। नियमित मालिश से बाल सुंदर और स्वस्थ रहते हैं।

प्राकृतिक रसों का उपचार
बालों को बढ़ाने व स्वस्थ रखने के लिए प्याज, अदरक और लहसुन के रस को मिलाकर मिश्रण तैयार करें। और इसे रात को सोने से पहले बालों पर लगाकर छोड़ दें। सुबह शैंपू से बालों को धों लें। आपको फर्क नजर आने लगेगा।

खानपान में इन चीजों का सेवन करें
बालों के गिरने का प्रमुख कारण है सही तरह के पोषक तत्वों का सेवन न करना। इसलिए खाने में प्रोटीन को शामिल करें। विटामिन ई के प्रयोग से बालों का टूटना व गिरना खत्म हो जाता है।
उम्र के बढ़ने के साथ शरीर में विटामिन सी कोलेजन की मात्रा कम होने लगती है। एैसे में आप लालमिर्च, सिट्रस फलों और स्ट्राबेरी आदि का सेवन करें।
बालों को स्वस्थ व घना बनाने के लिए अखरोट, नाशपाती और बादाम का सेवन जरूर करें।
खाने में हरी सब्जियां, गोभी, सेब, आलू बुखारा, पालक, गाजर, बीन्स आदि को शामिल करें।
हब्र्स का इस्तेमाल
अपने बालों को प्राकृतिक हब्र्स जैसे ग्रीन-टी, मेंहदी और नीम से धोएं। यह बालों को लंबा और घना बनाते हैं। मेंहदी के इस्तेमाल से बालों की जड़ों को पोषण मिलता है और चमक भी आती है।

चिंता और तनाव
कई बार शरीर से स्वस्थ और भरपूर मात्रा में पोषक चीजों का सेवन करने से भी बाल झड़ने लगते हैं। इसकी मुख्य वजह है तनाव लेना। बे-वजह की चिंता सताना आदि। आप तनाव को जितना दूर रखोगे बाल उतनी ही जल्दी बढ़ेगें और स्वस्थ रहेगें। तनाव व चिंता से बचने के लिए योग और शारीरिक व्यायाम जरूर करें।

पौरूष शक्ति के उपाय और नपुसंकता का उपचार

पौरूष शक्ति के उपाय और नपुसंकता का उपचार

अच्छी सेहत ही समाज में आपको प्रतिष्ठा दिलवाती है। यदि सेहत ठीक है तो आप हर तरह के कार्य को बखूबी निभा सकते हो। हर पुरूष चाहता है कि वह उन बीमारियों से दूर हो जो उसके वैवाहिक जीवन को प्रभावित करती हों। लेकिन दौड़भाग वाली जिंदगी में कुछ न कुछ कमी रही जाती है जिस वजह से शरीर में गुप्त बीमारियां लग ही जाती हैं। आइये जानते हैं किस तरह से पुरूष हमेशा इन बीमारियों से बच सके और स्वस्थ जीवन जी सके। आपको केवल कुछ उपायों को अपनाना है जिनसे आप खुशहाल जीवन जी सकें।
तरीके जो बनाएं आपको स्वस्थ और रोगमुक्त

पौरूष शक्ति को बढ़ाने के लिए (Ayurvedic Male Health Tips in hindi) :
1. हमेंशा सर्दी हो या गर्मी गुड का सेवन अवश्य करें।
2. शरीर हमेंशा बलवान रहेगा यदि आप गरम दूध के साथ शतवारी का चूर्ण मिश्री के साथ लेते हैं।
3. शरीर की थकान और शरीर को उर्जावान बनाने के लिए पांव के तलवों पर पानी की धार 10 मिनट तक डालें। निश्चित ही फायदा होगा।
4. तुलसी के 2 पत्तों को हमेशा खाएं कभी बीमार नहीं पड़ोगे।
5. सुबह और शाम गाय के दूध का सेवन करना चाहिए।
6. पाचन शक्ति के लिए काली मिर्च, सूखा करी पत्ता, लौंग और सोंठ को पीसकर आधा चम्मच दूध के साथ मिलाकर सेवन करें ।
7. ताकत और उर्जा पाने के लिए शिलाजीत को दूध के साथ हमेशा पींये।
8. अश्वगंधा का सेवन दूध के साथ लेने से भी आपकी शक्ति बढ़ती है।
नपुसंकता के लिए उपाय (Impotence treatment Tips in hindi) : 
1. बताशा भी आपकी शरीर की शक्ति को बढ़ाता है। इसलिए बताश्े में आक के तेल की 1 से 2 बूंद डालकर सेवन करें।
2. 2 से 3 ग्राम आक के तेल को तिल के तेल में मिलाकर अपने शरीर और अंगों की मालिश करें।
3. गाजर के 100 ग्राम हलुवे में 1 बूंद आक का दूध मिलाकर कुछ दिनों तक सेवन करें।
4. मूली के बीजों को पीस लें और उसे नित्य दही के साथ चाटने से भी लाभ मिलता है।
5. मर्दाना शक्ति को बढ़ाने के लिए आप सूखा मेवा कम से कम 2 या अधिक माह तक सेवन कर सकते हो।
6. लहसुन की 100 ग्राम मात्रा को घी के साथ भून कर पीस लें और दो चुटकी मठ्ठे या फिर दही के साथ ले।
7. नियमित रूप से छाछ का सेवन करें।
8. मानसिक तनाव को दूर करने के लिए केला अधिक से अधिक खायें। केले में पाये जाने वाले पोटशियम पुरूषों के लिए लाभदायक होता है।
9. अदरक भी आपकी ताकत को बढ़ाता है 1 चम्मच शहद में अदरक का रस डालकर सेवन करना चाहिए।
स्वपनदोष के निवारण के उपाय - स्वप्नदोष का घरेलू उपचार (Nightfall treatment in hindi) :
1. अपने डेली रूटीन में आंवले का मुरब्बे का सेवन करें। आप गाजर के जूस का सेवन भी कर सकते हो।
2. कच्चे लहसुन की 1 से 2 कली को पीसकर निगलने से स्वपनदोष से राहत मिलती है।
3. तुलसी स्वपनदोष की समस्या से निजात दिलती है। यदि आप रोज काली तुलसी के 8 से 10 पत्ते रात को सोने से पहले पानी के साथ लेते हैं तो स्पपनदोष नहीं होगा।
4. जब भी रात को सोएं पहले हाथ और पैरों को जरूर धों लें।
1. अपने खाने में भिंड़ी, टमाटर, पत्तागोभी, चुकंदर, आलू और तरबूजे, बथुआ का सेवन अधिक से अधिक करें ये आपके पौरूष शक्ति को बढ़ाते हैं।
2. मिश्री और अजावाइन को बराबर मात्रा में पीसकर डेली सुबह और शाम दूध के साथ सेवन करें। फायदा होगा।
3. यदि आप शकरगंद को उबालकर या फिर भूनकर खाते हैं तो आपकी मर्दाना शक्ति बढ़ती है।
इन चीजों से परहेज करें
पौरूष शक्ति को बढ़ाने के लिए पुरूषों को अधिक खट्टी चीजों के सेवन से बचना चाहिए साथ ही तेज मिर्च मसाले आदि से भी बचना चाहिए ये सेहत के लिए सबसे खतरनाक होते हैं।

बालों को काला करने के उपाय

बालों को काला करने के उपाय

बाल सफ़ेद होने की समस्या आजकल बढ़ती जा रही है। कम उम्र के लोग हो या बड़ी उम्र के लोग बालों के सफ़ेद होने की समस्या से परेशान हो रहे हैं। और बालों को काला करने के लिए कई तरह के केमिकल वाली डाइ को लगाते  हैं । जो कुछ टाइम के लिए बालों को काला तो कर देती है पर नुकसान भी अधिक दे देती है। लेकिन अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। आयुर्वेद में छिपा है सफ़ेद बालों की समस्या का हल जो आज वैदिक वाटिका आपको बताएगा।
काली मिर्च का प्रयोग
आयुर्वेद में काली मिर्च सेहत के लिए बड़ी फायदेमंद होती है साथ ही यह बालों को काला करने में भी बेहद लाभकारी होती है। उबले पानी में काली मिर्च के दानों को डालें। और गीले बालों में इस काली मिर्च के पानी को बालों के ऊपर डालें कुछ महीनों तक लगातार करने से बाल धीरे धीरे काले होने लगते हैं। 

एलोवेरा का कमाल
बालों को काला करने के लिए आप एलोवीरा का भी इस्तेमाल कर सकते हो। एलोवीरा के जेल में थोड़ी नींबू की बूंदे डालकर पेस्ट बनाएं और बालों पर नियमित लगाएं। यह आपके बालों का झड़ना से रोकेगा और बालों को काला बनाएगा।
आंवले का उपयोग
सेहत के लिए आंवला बेहद फायदेमंद होता है साथ ही इसके नियमित सेवन करने से जीवन निरोग और बाल काले होते है। आंवले को सुखाकर उसका पाउडर बनाकर मेंहदी में मिलाकर इसका घोल बना लीजिये और बालों पर इसको लगाएं। कुछ दिनों तक ऐसा करने से बाल काले होने लगते हैं।
देसी घी का इस्तेमाल
पुराने समय से ही देसी घी का इस्तेमाल लोग भोजन में करते आए हैं जो शरीर और सेहत दोनों के लिए बेहद लाभकारी होता है लेकिन क्या आपको पता है देसी घी को बालों पर लगाने से भी सफ़ेद बाल काले हो सकते हैं। देसी घी के नियमित मालिश से सफ़ेद बाल काले होते हैं। सप्ताह में एक बार ही देसी घी को बालों पर लगाएं।
दही लगाएं
बालों को काला करने के लिए आप दही का इस्तेमाल भी कर सकते हो। दही बालों को प्राकृतिक काला बनाती है। इसके लिए दही और हीना को मिलाकर पेस्ट तैयार करें और हर सप्ताह एक बार जरूर याद से बालों पर लगाना न भूलें। कुछ समय तक एैसा करने से आपको फर्क दिखने लगेगा।

दूध का प्राकृतिक उपाय
आयुर्वेद में भी दूध के कई फायदे बताए हैं और बालों को काला करने के लिए गाय के कच्चे ताजे दूध से बालों को धोने से बाल कभी सफ़ेद नहीं होते और नियमित रूप से इस्तेमाल से बाल काले होने लगते हैं।
ये पत्ता बनाएगा बालों को काला
कड़ी पत्ते बालों को काला करने का प्राचीन उपाय है। नहाने के टब में कड़ी पत्तों को एक घंटे के लिए डालकर छोड़ दीजिये और उस पानी से अपने बालों को धो लें। कुछ हफ़्तों में फर्क देखेगा।
इन नैचुरल उपायों करने से बाल काले होने लगते हैं। पर इसके लिए आपको इंतज़ार करना जरूरी है क्योंकी एक दिन में आप समझे की बाल काले हो जाए ये संभव नहीं है।

दाढी मूछ के फायदे त्वचा को रूखा होने से बचाना पुरूषों को भी ड्राय स्किन यानि रूखी त्वचा की दिक्कत होती है। इसलिए वे भी फेस क्रीम का इस्तेमाल करते हैं जो स्किन को नुक्सान पहुंचाते हैं।

दाढी मूछ के फायदे

प्राचीन समय से ही पुरूषों में दाढ़ी और मूछों का प्रचलन रहा है। चाहे वह महाराण प्रताप रहे हों या फिर वीर शिवाजी।  आज के समय में भले दाढ़ी और मूछ कम ही लोग रखते हैं लेकिन एैसा नहीं है। दाढ़ी और मूछों वाले लोग बेहद कड़क और दमदार भी लगते हैं। कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह के लोग बेहद आलसी तरह के होते हैं। लेकिन हाल ही में हुए एक नए अध्ययन में दाढ़ी और मूछों को रखने वाले लोगों के बारे में नई बात सामने आई है। जिसके अनुसार एैसे पुरूष कई प्रकार की गंभीर बीमारियों से बचे रहते हैं।
त्वचा को रूखा होने से बचाना
पुरूषों को भी ड्राय स्किन यानि रूखी त्वचा की दिक्कत होती है। इसलिए वे भी फेस क्रीम का इस्तेमाल करते हैं जो स्किन को नुक्सान पहुंचाते हैं।
लेकिन जो पुरूष दाढ़ी-मूछ रखते हैं उनकी त्व्चा ड्राय होने से बची रहती है।
                                          
बचाए त्वचा के कैंसर से
दाढ़ी रखने से त्वचा का कैंसर नहीं होता है। सूर्य की अल्ट्रावाइलेट किरणों से त्वचा को स्किन कैंसर हो सकता है। रिसर्च से यह बात सामने आई है जो लोग दाढ़ी रखते हैं वे 90 प्रतिशत तक यूवी किरणों से बचे रहते हैं। क्योंकि दाढ़ी यूवी किरणों को सीधे त्वचा पर नहीं पहुचने देती है। इसलिए स्किन कैंसर से बचने के लिए दाढ़ी रख सकते हो।
शरीर को रखे रोग मुक्त
अस्थमा और एलर्जी की परेशानी को दूर करने में दाढ़ी बेहद फायदेमंद होती है। यह धूल और प्रदूषण को सीधे चेहरे पर नहीं आने देती है। क्योकि दाढ़ी के बाल फिल्टर का काम करके चेहरे को बीमारियों से मुक्त रखते है। दाढ़ी अस्थमा और एलर्जी से भी बचाती है। जैसे नाक के बाल और आंखों की पलकें गंदगी को सीधी शरीर में नहीं आने देती है उसी तरह दाढ़ी भी शरीर को रोगमुक्त रखने का काम करती है।

नहीं दिखती अधिक उम्र
जो लोग दाढ़ी-मूछें रखते हैं उनकी उम्र हमेशा एक जैसी ही लगती है क्योंकि उम्र के साथ चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों को दाढ़ी छिपा लेती है।

नहीं होता इन्फेक्शन
शेव करते समय स्किन कट जाती है और इस वजह से स्किन पर इन्फेक्शन हो सकता है। दाढ़ी रखने से चेहरे पर दाग-धब्बे नहीं होते हैं। क्योंकि दाढ़ी रखने से चेहरे पर यदि कोई दाग-धब्बे भी हों तो वह भी ढ़क जाते है।                   ये भी पढ़ें-बेमिसाल है पुरूषों के लिए खूबसूरती के ये टिप्स

दाढ़ी रखना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है लेकिन कई बार यह बेकार भी दिखने लगती है इसलिए समय-समय पर ट्रिमिंग करवानी चाहिए। ताकि दाढ़ी अच्छी लगे।

बेमिसाल है खूबसूरती के ये टिप्स चिकना और कोमल चेहरा दूर से ही एक अलग पहचान देता है। आकर्षक और सुंदर दिखने के लिए जरूरी नहीं है कि आप मंहगे प्रोडक्टस खरीदें। बेदाग और कोमल त्वचा का राज आयुर्वेद में बहुत समय से इस्तेमाल होता आया है।

बेमिसाल है खूबसूरती के ये टिप्स

चिकना और कोमल चेहरा दूर से ही एक अलग पहचान देता है। आकर्षक और सुंदर दिखने के लिए जरूरी नहीं है कि आप मंहगे प्रोडक्टस खरीदें। बेदाग और कोमल त्वचा का राज आयुर्वेद में बहुत समय से इस्तेमाल होता आया है। राजा हो या राजकुमार वे सभी इन प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करते थे। वैदिक वाटिका आज पुरूषों की सुंदर और बेदाग त्वचा का राज आपको इस लेख के माध्यम से बताने जा रही है।
आज के समय के अनुसार देखा जाए तो त्वचा का रंग और रूप की खूबसूरती खत्म होती जा रही है जिसकी वजह टेंशन, अधिक समय तक काम करना, और सनबर्न के अलावा काले दाग धब्बें आदि हैं।(beauty tips for men's in hindi)

कैसे पाएं प्राकृतिक कोमल चेहरा आइये जानते हैं।
उम्र के बढ़ने के साथ सबसे पहली दिक्कत आती है चेहरे पर झुर्रियों का पड़ना। लेकिन आजकल कम उम्र में भी टेंशन की वजह से झुर्रियां पड़ने लगती है। झुर्रियों को हटाने के लिए 1 चम्मच मक्खन में 4 छोटी चम्मच मूली के रस को अच्छी तरह से मिला लें। और इस पेस्ट को  चेहरे पर 30 मिनट तक के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से चेहरा साफ करें। एैसा करने से झुर्रियां तो खत्म होती ही हैं साथ ही चेहरे पर निखार भी आने लगता है।

रात को सोने से पहले 1 चम्मच ग्लिसरीन और 1 चम्मच नींबू का रस को मिलाकर चेहरे पर लगा लें। और चेहरे को सुबह ठंडे पानी से धों लें कुछ दिनों तक एैसा करने से चेहरा कोमल होने लगेगा।

सेब का इस्तेमाल
सेब का इस्तेमाल करना शायद ही आपको कोई बातएगा। 1 सेब को पानी में अच्छी तरह से उबाल लें और फिर इसके छिलकों को उतार लें साथ ही बीजों को भी फेंक दें। अब इसमें 1 छोटी चम्मच मलाई और 1 चम्मच शहद को मिलाकर चेहरे पर अच्छी तरह से लगाएं। और 15 मिनट तक चेहरे पर लगा रहनें दें। फिर पानी से चेहरा साफ कर लें। कुछ दिनों तक लगातार करने से आपके चेहरे की रौनक बढ़ने लगेगी।

पुरूषों की त्वचा में रूखापन ज्यादा होता है इसके लिए नियमित रूप में कच्चे दूध से चेहरा साफ करने से त्वचा का रूखापन दूर होता है।
आंखों के नीचे का कालापन
आंखों के नीचे काला घेरा भी सुंदरता को नष्ट करता है जिसकी वजह से इंसान का चेहरा बिलकुल अलग सा और बेकार सा दिखने लगता है। इसको दूर करने लिए आपको करना ये है कि आधा चम्मच नींबू के रस में 1 चम्मच टमाटर का रस और थोड़ा सा बेसन के साथ थोड़ी हल्दी को मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाना है और इस पेस्ट को आंखों के नीचे के काले घेरे के उपर लगायें। 10 से 15 मिनट तक सूखने दें फिर ठंडे पानी से इसे धो लें। नियमित कुछ दिनों तक करने से आंखों के नीचे के काले घेरे यानी डार्क सर्कल्स पूरी तरह साफ हो जाएगें। और आप फिर से जवां दिखने लगेगें।
रूई को ककड़ी के रस में भिगोकर आंखों के नीचे लगाने से भी आंखों के नीचे के काले घेरे दूर होते हैं।
होठों की सुदंरता के लिए
पुरूषों में अधिकतर देखा गया है कि वे काले होठों की समस्या से परेशान रहते हैं। होठों के कालेपन को दूर करने के लिए केसर को दूध में मिलाकर होठों पर लगाने से होठ गुलाबी होने लगते हैं।

दांतों की चमक के लिए
सुंदर चेहरे होने के साथ दांतों का भी सुंदर दिखना जरूरी है। फिटकरी के पाउडर से दांतों को नियमित साफ करने से दांतों में प्राकृतिक चमक आती है। नीम से दातुन करने से दांत मजबूत भी होते हैं। चाय, काफी और धूम्रपान आदि से दांतों को बचाएं।

चेहरे के छेदों यानी खुले रोमछिद्रों को बंद करना
यह एक आम समस्या है ज्यादातर पुरूष इस समस्या से परेशान रहते हैं। चेहरे पर निशान या छेद पूरी सुंदरता को नष्ट कर देते हैं। और इस समस्या को ठीक करना बेहद मुश्किल काम भी है। लेकिन थोड़ी सी देखभाल से काफी हद तक इन्हें कम किया जा सकता है। कैसे आइये जानते हैं।
1. टमाटर के छिलकों को नियमित चेहरे पर लगाने से चेहरे के छेद बंद होने लगते हैं।
2. बर्फ को लगातार कुछ समय तक लगाते रहने से भी रोमछिद्र बंद हो सकते हैं।
3. चुटकीभर फिटकरी को 1 चम्मच पानी में मिला लें और रूई से चेहरे के छेदों पर लगाएं।
4. ठंडे पानी से हमेशा चेहरा धोंए।

इन प्राकृतिक उपायों को करने से आपका चेहरा कांतिमान होगा। पर कुछ बातों का ध्यान आपको रखना है जैसे धूम्रपान, शराब, अधिक देर तक जागना आदि की आदतों को बदलना पड़ेगा। साथ ही अपने वजन को बढ़ने न दें जिसके लिए आपको नियमित पैदल चलने की आदत को डालना होगा। तभी आप एक सुंदर पुरूष लगोगे।

खाली दिमाग टहलने के फायदे


खाली दिमाग टहलने के फायदे



खाली दिमाग टहलना सबसे बेहतर व्यायाम है। जो लोग कठिन व्यायाम या कड़ी मेहनत वाले योग नहीं कर सकते उनके लिए सुबह उठकर टहलना एक ऐसी प्रक्रिया होती जिसमें व्यायाम और मनोरंजन दोनों एक साथ हो जाते हैं। सुबह की ताजी हवा में तेज चाल से टहलने की आदत डालनी चाहिए यह शरीर के लिए बेहद उपयोगी आदत है। एैसा करने से दिमाग और मन दोनों को ही लाभ मिलता है। पुरूषों, महिलाओं और बच्चों के लिए टहलना उन्हे कई तरह की बीमारियों से बचाता है। आइये जानते है खाली दिमाग टहलने के फायदे।
टलने से दूर होती हैं बीमारियां
1. सुबह के टहलने में इतनी शक्ति होती है कि यह शारीरिक व मानसिक रोगों को आसानी से दूर करती है।
2. सिर का भारीपन, पेट में कब्ज की समस्या सुबह के टहलने से दूर होती है।
3. तबीयत खराब हो रही हो या उल्टी की समस्या हो एैसे में चारपाई पर लेटे रहने की उपेक्षा अच्छा है कि 1 गिलास पानी पीकर हल्के-हल्के टहला जाए। एैसा करने से रोगी जल्दी ठीक हो जाता है।
4. सुबह का टहलना दिल संबंधी रोगों से भी बचाता है।
अनसुलझी सुलझनों को सुलझाता है
कई बार एैसा होता है कि हम किसी उलझन में फंस जाते हैं और समझ में नहीं आ रहा होता है कि क्या करें। मन बड़ा परेशान होता है। यदि दो काम एक साथ आ जाए और कुछ समझ न आ रहा हो की इन दो कामों में से पहले किसे किया जाए? एैसी उनसुलझी गुत्थीयों को ठीक तरह से सुलझाने का सबसे आसान तरीका है दिमाग को खाली करके थोड़ी देर के लिए टहलने के लिए निकल जाएं। आपको आपकी समस्या का हल आसानी से मिल जाएगा।
भूलने की समस्या का हल है
आपको कभी एैसा एहसास होता होगा कि आप किसी चीज को रखकर भूल गए हों। इंसान की स्मरण शक्ति कभी-कभी काम करना बंद कर देती है जिस वजह से वह खुद से ही रखी चीजों को भूल जाता है। एैसे में आप जितना दिमाग पर जोर डालते हो उतना ही समस्या बढ़ती चली जाती है। लेकिन ऐसे में सबसे अचूक दवा है आप अपने दिमाग को बिलकुल खाली कर दें और कहीं छाया वाली जगह पर टहलें या किसी हरे पेड़ की छाव में बांयी ओर करवट लेकर लेट जाएं। जो चीज आप रखकर भूल गए हो वो आपको तुरंत थोड़ी देर में याद आ जाएगी।
गुस्से को शांत करता है
घर या आफिस में कई बार लड़ाई-झगड़ा हो जाता है जिसकी मुख्य वजह होती है गुस्सा। छोटी-छोटी बातों पर लड़ाई बढ़ जाती है। एैसे में चुपचाप से निकल कर थोड़ी देर के लिए टहलने के लिए निकल जाएं। क्योंकि गुस्से में यदि जवाब पर जवाब दिया जाए तो लड़ाई बढ़ती है और इस वजह से इंसान को कई तरह का नुक्सान हो सकता है। आपको जब भी लगे की सामने वाला पक्ष ज्यादा हावी हो रहा है तो एैसे में उससे वाद विवाद न करें और टहलें। इससे सामने वाले को भी आपके प्रति विचार करने का एक मौका और मिल जाता है।
व्यापार में हो रही समस्या का भी निदान है टहलना
व्यापार व धंधे में ऐसी उलझनें आती है कि क्या कदम लें और क्या न उठाया जाए आदि। क्या करने से नुक्सान हो सकता है और क्या करने से फायदा। एैसे में दोस्तों की सलाह से भी मन नहीं मानता है। जब भी आपको इस तरह की समस्या आए आप अपने दिमाग को खाली रखें और टहलने के लिए निकल जाएं। आपको जरूर अपनी समस्या का हल मिलेगा।
खाली दिमाग टहलना आपको शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से मजबूत बनाता है। जब भी आप खाली दिमाग से कुछ भी सोचते हो तो वह आपके हित के लिए ही होता है। जितने भी महान इंसानों ने इस धरती पर जन्म लिया उन्होंने खुद से बातें करना सीखा। इसलिए रोज सुबह जल्दी उठकर टहलने की आदत डालें। 


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