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शुक्रवार, 20 नवंबर 2015

शराब या दारू छुड़ाने के उपाय Stop Drinking Alcohol Avoiding AbuseTreatment hindi

कहतें हैं.… शराब (दारू) पीने की आदत या बीमारी सबसे गंदी बीमारी है  शराब की लत एक चतुर और शक्तिशाली व्यक्ति को बेहद कमजोर बना देती है. जिसे पड़ जाती है आसानी से नहीं छुटती इसे बीमारी नही कहा जा सकता है क्यूकी लोगो के लिए यह एक नशा है - पर ये नशा बहुत ही घातक हे जिसके फायदे कम और नुकसान बहुत है शराब पीने से स्ट्रोक का ख़तरा होता है, बुढ़ापा या मोटापाहोता है शराब पीने से  साथ ही लिवर की बीमारी नही होती है. यानी की आपका स्वस्थ अच्छा हो जाता है.पर अगर आप ठान ले की Alcohol नहीं पीना हे और  ना किसी को पीने देना हे तो  कुछ ही दिनों में इलाज सम्भब हे आएये जाने कुछ बेस्ट टिप्स जो निश्चित रूप से हेल्पफुल हैं -

  • जूस पिये 15 दिन तक ताज़ा जूस पीयेंगे तो धीरे धीरे आप आल्कोहॉल को भूल जाएगे. जूस पीने से शराब पीने की इक्छा कम होगी और आप खुद ही शराब को छोड़ देगे
  • सेब का रस बार बार पीने से और भोजन के साथ सेब खाने से भी शराब कि आदत छुट जाती है! यदि उबले हुए सेबों को दिन में तीन बार खिलाया जाए, तो कुछ ही दिनों में शराब पीने कि लत छुट जाती है!
  • अपने आप को बिजी (बयस्त )रखें क्योकि जब कोई फ्री होता हे तो गलत लोगो के थोड़े भी संपर्क में आया और दारू पीना  देखा तो खुद भी आदत पाल लेता हे 
  • होम्योपेथी में सेलेनियम-30 एक ऐसी दवा है, जिसके कुछ दिनों का सेवन करने के बाद शराब पीने वाले को शराब खराब लगने लगती है! एक दिन में तीन बार सेवन कि गई पहले दिन कि खुराकें ही आश्चर्यजनक लाभ पहुंचाती है और शराब पीने कि इच्छा समाप्त हो जाती है! पूरा लाभ पाने के लिए कुछ दिनों तक नियमित सेवन कराएं!
  • 500 ग्राम नई देशी अजवाइन को पीसकर उसे 7 लीटर पानी में दो दिन के लिए भिगो दें! फिर धीमी आंच पर इतना पकाएं कि पानी लगभग 2 लीटर रह जाए! 
ठंडा होने पर छान कर बोतल में भर दें! शराब कि तलब लगने पर 5 चम्मच कि मात्रा में पीते रहने से भी शराब पीने कि आदत छुट जाती है!
करेला आपको शराब की आदत से छुटकारा दिलाने मे सहायक होता है. इससे आपकी खराब किड्नी भी ठीक हो जाती है. रोज़ करेले का जूस पिए और देखिए ये आपके शरीर के लिए कितने फयदेमंद है.

शराब की आदत छुड़ाने के लिए खजूर सबसे अधिक पुराना और लोकप्रिया घरेलू नुस्ख़ा है. यदि आप शराब नही छोड़ पा रहे है तो इसकी सहयता से आप तुरंत ही इससे छोड़ देगे. इसका सेवन ज़रूर करे और अपनी आदत से मुक्त हो जाए.



शराब छुड़ाने में एक दवा ऐकेम्प्रोसेट ईजाद हुई है! इसे अब तक दस लाख से ज्यादा लोगों ने इस्तिमाल किया है और बेहतर परिणाम मिले हैं! इस दवा को फ्रांस में लें स्थित 'लिफा एस.ए कम्पनी ने बनाया है! फिलहाल ये दवा एशिया, यूरोप, दक्षिणी अमेरिका आदि के देशों में आसानी से उपलब्ध है! 
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गूगल ऐडसेंस ऐसे जानकारी जो हिला देगी आपको Google Adsense kya hota hai EARN MONEY गूगल ऐडसेंस है क्या है?

गूगल ऐडसेंस है क्या है?  

गूगल ऐडसेंस, मशहूर सर्च इंजिन, गूगल की स्वामित्त्व वाली गूगल इनकार्पोरेटेड द्वारा चलाई जा रही ऑनलाइन विज्ञापन उपलब्ध कराने की मुफ्त सेवा है. मूल तौर पर, इन विज्ञापनों को वेबसाइटों के मालिक अपनी वेबसाईट्स में दिखा सकते हैं. यह विज्ञापन, शब्दों वाक्यों के रूप में, चित्र के रूप में या वीडियो के रूप में होते हैं. इन विज्ञापनों का सारा नियंत्रण, प्रबंधन, प्रशासन गूगल द्वारा किया जाता है.

जो विज्ञापन, वेबसाईट पर दिखाई देते हैं उन पर यदि वेबसाईट पर विचरण करता पाठक किसी भी कारण से क्लिक कर संबंधित विज्ञापनदाता की वेबसाईट पर जाता है तो गूगल, उस विज्ञापन दिखाने वाली वेबसाईट के मालिक को कुछ भुगतान करता है. थोड़ा थोड़ा करते हुए, यह भुगतान वेबसाईट मालिक के गूगल ऐडसेंस खाते में इकट्ठा होते जाता है और जब यह कमाई, 100 अमेरिकी डॉलर हो जाती है तो इसे भारतीय मुद्रा में बदल कर वेबसाईट मालिक के नाम का चेक, उसके डाक पते पर भेज दिया जाता है. (इस समय एक डॉलर की आधिकारिक विनिमय दर 60.05 रूपये है).

इंटरनेट से पहले भी ऐसा होता था क्या?

बिलकुल होता था. होता है. याद कीजिए अक्सर ही किसी पर्यटक स्थल पर आपको, पहुंचते ही, युवकों का दल घेर लेता है. जब आप कहते हैं कि दो दिन किसी होटल में रूक कर, रुचि वाली जगहें देख रेल से लौट जाने का इरादा है तो कोई आश्वासन देता है कि बढ़िया होटल वह दिला देगा, कोई कहता है कि इलाके की सैर के लिए टैक्सी का इंतज़ाम उसके पास है, कोई कहता है कि लौटने का रेल टिकट वह एजेंसी से बनवा देगा. अगर आप किसी की ना सुन आगे बढ़ गए तो कोई बात नहीं लेकिन उनकी सेवायें आपने लीं तो वे एजेंट-युवक, जिनको संबंधित काम सौंपेंगे उनसे कुछ पूर्व-निर्धारित रकम, कमीशन के तौर पर ले ही लेंगे.

गूगल एडसेंस की भाषा में आप पाठक हैं वेबसाईट के, काम करवा देने वाला युवक ब्लॉग, वेबसाईट का विज्ञापन है. विज्ञापनदाता वह एजेंसी है जिस तक आपको पहुंचाया जाता है, भुगतान प्रति एजेंट-युवक कहलाता है PPC -Pay per click और युवक की महीने भर की कमाई कहलाई एडसेंस कमाई :)


ये 10 महत्वपूर्ण आविष्कार गलती से हुए discovered history whts and whose

ये 10 महत्वपूर्ण आविष्कार गलती से हुए discovered history whts and whose
कई बार हम करना कुछ और चाहते हैं लेकिन रिजल्ट कुछ और ही आता है, ऐसे में हम परेशान हो जाते हैं। लेकिन कई बार ये गलतियां भी अच्छे काम कर जाती हैं और एक गलती के कारण रिजल्ट कुछ और ही सामने आता है। ऐसे में आज हम आपको 10 ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका आविष्कार गलती से हुआ। हालांकि, ये हमारी लाइफ के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

1.
एक्सरे (X Ray)
क्या आप जानते हैं कि एक्सरे का आविष्कार गलती से हुआ था? नहीं जानते तो बता दें कि सनकी भौतिक विज्ञानी के रूप में विख्यात विलहम रोएंटगन ने एक्सरे का अविष्कार किया था। दरअसल, वे कैथोडिक रेज ट्यूब बनाना चाह रहे थे। इसी दौरान जब लाइट चमक रही थी, तभी उन्होंने देखा कि अपारदर्शी कवर के बावजूद नीचे रखा पेपर दिखाई दे रहा था। वे हैरत से देखने लगे और इस प्रकार एक्सरे का अविष्कार हुआ।

2.
माइक्रोवेव (Microwave ovens)
माइक्रोवेव का आविष्कार पर्सी स्पेंसर ने गलती से किया था। वे नए वैक्यूम ट्यूब के जरिए रडार से जुड़े रिसर्च कर रहे थे। इसके लिए कई मशीन बनाई, जो कि रिसर्च में मदद करते। इस दौरान उन्होंने देखा कि प्रयोग के दौरान उनके जेब में रखा कैंडी बार पिघलने लगा। वे हैरान हो गए और पॉपकॉर्न को उस मशीन के अंदर डाल दिया और पाया कि पॉपकॉर्न फूटने लगा। इस प्रकार माइक्रोवेव ओवन का अविष्कार हुआ।

3.
पेसमेकर (Pacemaker)
पेसमेकर का आविष्कार भी गलती से हुआ था। इलेक्ट्रिक इंजीनियर जॉन होप्स रेडियो फ्रिक्वेंसी के जरिए बॉडी टेम्परेचर को रिस्टोर करने के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। इस दौरान उन्हें अहसास हुआ कि अगर दिल ठंड के कारण धड़कना बंद कर दे तो कृत्रिम उत्तेजना पैदा करने से यह फिर से धड़कना शुरू कर देता है। इस प्रकार पेसमेकर अस्तित्व में आया।

4.
स्लिंकी (Slinky)
स्वीडन नौसेना में इंजीनियर रहे रिचर्ड जोन्स ने 1943 में स्लिंकी का अविष्कार किया था। वे नौसैनिक युद्धपोतों पर बिजली की निगरानी करने के लिए यंत्र बना रहे थे, जो कि स्प्रिंग के सहारे काम करता। इसी दौरान स्प्रिंग जमीन पर गिर गया और बाउंस करने लगा। इस तरह गलती से स्लिंकी का अविष्कार हुआ।

5.
पेनिसिलीन (Penicillin)
वैज्ञानिक अलेक्जेंडर फ्लेमिंग घाव को भरने वाले एक चमत्कारी दवा का अविष्कार करना चाह रहे थे, लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। ऐसे में उन्होंने एक्सपेरिमेंट की गई चीजों को बाहर फेंक दिया। कुछ दिन बाद जब उन्होंने नोटिस किया तो पाया कि वहां आस-पास के बैक्टिरिया समाप्त हो रहे हैं। इस तरह से पेनिसिलीन का अविष्कार हुआ।

6.
कोका कोला (Coca cola)
सिर दर्द के इलाज के लिए दवा बनाने के लिए एक फार्मासिस्ट ने कोला नट और कोला की पत्तियों का इस्तेमाल किया। इसके बाद उसने संयोगवश दोनों को कार्बोनेटेड वाटर के साथ मिला दिया। बाद में जब उसने टेस्ट किया तो रिजल्ट कोका कोला के रुप में सामने आया। कोला के कारण इसका नाम कोका कोला हो गया।

7.
टेफ्लॉन (Teflon)

टेफ्लॉन का आविष्कार 1938 में साइंटिस्ट रॉय प्लंकेट ने किया था। दरअसल, रॉय रेफ्रिजरेंट के विकल्प की तलाश कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने कुछ सैंपल्स को टाइट बॉक्स में रखा था। कुछ दिन बाद उन्होंने देखा कि बॉक्स के अंदर रखी गई गैस गायब है और उसकी जगह फिसलनदार रेजिन के अवशेष बचे हुए हैं। इस अवशेष में हीट और केमिकल्स के प्रति रोधक क्षमता थी। बाद में नॉन स्टिक कुकवेयर, स्पोर्ट्स इक्विपमेंट और पेंट्स के रुप में इसका यूज होने लगा।

8.
वियाग्रा (Viagra)
फाइजर ने दर्द से छुटकारा दिलाने के लिए हमारे शरीर में रक्त संचार करने वाली धमनियों को सिकुड़ने में मदद करने के लिए यूके92480 के नाम से एक दवा बनाई थी। लेकिन यह दवा दर्द से राहत देने में तो असफल रही, लेकिन पुरुषों की यौन शक्ति बढ़ाने में यह बहुत ही कारगर साबित हुई। इसे वियाग्रा के नाम से बाजार में उतारा गया।

9.
वेलकरॉ (Velcro)
एक ट्रिप के दौरान स्विस इंजीनियर जॉर्ज्स डे मेस्ट्रल ने अपने पैंट्स से कुछ बीजों को चिपके देखा। उन्होंने पाया कि ये किसी भी लूप के आकार वाली वस्तु से चिपक जाती है। ऐसे में उन्होंने कृत्रिम लूप्स तैयार किया और परिणामस्वरुप वेल्वेट और क्रोचेट के कॉम्बिनेशन से वेल्करॉ बना।

10.
पोटैटो चिप्स (Potato Chips)
1853 में जॉर्ज क्रम नाम के चेफ अपने एक कस्टमर के लिए फ्रेंच फ्राई तैयार कर रहे थे। कस्टमर ने कहा कि फ्रेंच फ्राई थोड़ी पतली और कुरकुरी हो। जॉर्ज ने ऐसा ही किया और इस तरह से पोटैटो चिप्स बनी।


पैन कार्ड क्या है इसमें छिपी जानकारी My Pan card secrets Tips

पैन कार्ड क्या है इसमें छिपी जानकारी My Pan card secrets Tipsकहां-कहां है पैन कार्ड जरूरी

पैन कार्ड की मदद से आपको विभिन्न वित्तीय लेन-देन में आसानी होती है। इसकी मदद से आप बैंक खाता और डीमैट खाता खोल सकते हैं। इसके अलावा प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त के लिए भी यह जरूरी होता है। दरअसल, पैन कार्ड टैक्सेबल सैलरी के साथ ही इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए भी जरूरी है।
चूंकि पैन कार्ड पर नाम और फोटोग्राफ होते हैं, ऐसे में यह आइडेंटिटी प्रूफ के तौर पर भी काम करता है। भले ही आपका पता बदलता रहे, लेकिन पैन नंबर नहीं बदलता।
ऊंची दर पर टैक्स डिडक्शन से बचने के लिए पैन कार्ड जरूरी होता है। दरअसल, जब आप 50 हजार रुपए से अधिक राशि की एफडी शुरू करते हैं,तो पैन कार्ड की फोटोकॉपी देनी होती है। पैन के अभाव में ऊंची दर पर आपका टीडीएस काट लिया जाएगा।

डिपार्टमेंट तय करता है नंबर

इस नंबर के पहले तीन डिजिट अंग्रेजी के लेटर्स होते हैं। यह AAA से लेकर ZZZ तक कोई भी लेटर हो सकता है। ताजा चल रही सीरीज के हिसाब से यह तय किया जाता है। यह नंबर डिपार्टमेंट अपने हिसाब से तय करता है।

पैन कार्ड नंबर का चौथा डिजिट भी अंग्रेजी का ही एक लेटर होता है। यह पैन कार्डधारी का स्टेटस बताता है। इसमें-
यह हो सकता है चौथा डिजिट...
P-
एकल व्यक्ति
F-
फर्म
C-
कंपनी
A- AOP (
एसोसिएशन ऑफ पर्सन)
T-
ट्रस्ट
H- HUF (
हिन्दू अनडिवाइडेड फैमिली)
B- BOI (
बॉडी ऑफ इंडिविजुअल)
L-
लोकल
J-
आर्टिफिशियल जुडिशियल पर्सन
G-
गवर्नमेंट के लिए होता है

सरनेम के पहले अक्षर से बना पांचवां डिजिट
पैन कार्ड नंबर का पांचवां डिजिट भी ऐसा ही एक अंग्रेजी का लेटर होता है। यह डिजिट पैन कार्डधारक के सरनेम का पहला अक्षर होता है। यह सिर्फ धारक पर निर्भर करता है। गौरतलब है कि इसमें सिर्फ धारक का लास्ट नेम ही देखा जाता है।
इसके बाद पैन कार्ड में 4 नंबर होते हैं। ये नंबर 0001 से लेकर 9999 तक कुछ भी हो सकते हैं। आपके पैन कार्ड के ये नंबर उस सीरीज को दर्शाते हैं, जो मौजूदा समय में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में चल रही होती है। इसका आखिरी डिजिट एक अल्फाबेट चेक डिजिट होता है, जो कोई भी लेटर हो सकता है

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